""""मैं रुचि गुप्ता, अपनी रचनायें आपके समक्ष प्रस्तुत करते हुए अत्यंत गौरव महसूस कर रही हूँ। ये विभिन्न शीर्षकों पर लिखी गई स्वरचित रचनाएं हैं जो किसी परिस्थिति की कल्पना पर आधारित हैं। मन में घुमड़ते विचारों को कलम से कागज पर उतारने का नन्हा सा प्रयास किया है। जहन में आये कुछ शब्द उकेरे हैं और उन्हें मेरे एहसास का नाम दिया है।""""